Diabetes control .डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद कर सकती है जामुन की गुठली, जानिए क्या कहता है

डायबिटीज एक जीवनशैली जन्‍य स्थिति है, जो दुनिया भर में एक बड़ी आबादी को प्रभावित कर रही है। दुख की बात है कि भारत मधुमेह से पीड़ित लोगों का घर बनता जा रहा है। तनाव, अतिरिक्त वजन बढ़ना और गतिहीन जीवन शैली कुछ महत्वपूर्ण कारक हैं, जो मधुमेह का कारण बनते हैं। अधिक चुनौतीपूर्ण यह है कि डायबिटीज लाइलाज है। इसलिए आप केवल स्वस्थ और संतुलित आहार का पालन करके ही इसका प्रबंधन कर सकती हैं।

इनके साथ ही कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ भी हैं जो आपके निदान को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकते हैं। वहीं कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ भी हैं जो आपको लाभ पहुंचा सकते हैं। फल, सब्जियां, नट्स, और बीज सभी ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में काम आ सकते हैं। शुक्र है कि इनमें से कई प्राकृतिक उपचार आसानी से उपलब्ध हैं।


कई प्राकृतिक, आयुर्वेदिक सप्लीमेंट मौजूद हैं जो मुसीबत के समय आपकी मदद कर सकते हैं और उनमें से एक सबसे अच्छा विकल्‍प है भारतीय ब्लूबेरी। स्थानीय रूप से इन्हें काले प्लम या जामुन के रूप में भी जाना जाता है। इस फल को पोषक तत्वों से भरपूर और फाइटोकेमिकल्स से भरा हुआ माना गया है।

जबकि इसका उपयोग हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है। आज हम आपको इसका एक और स्वास्थ्य लाभ बता रहे हैं, जो मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए सुपर इफैक्टिव होगा। जी हां, सिर्फ जामुन ही नहीं, बल्कि इसका बीज यानी गुठली भी आपके काम का सकती हैं।

जानिए कैसे फायदेमंद है जामुन की गुठली

आयुर्वेद के अनुसार, जामुन के बीज में जंबोलीन और जाम्बोसिन नामक एक सहायक पदार्थ होता है। ये दोनों ही प्रकृति में अत्यंत गुणकारी होते हैं। दोनों फाइटोकेमिकल्स ब्लड शुगर रिलीज होने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करते हैं और शरीर में इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ाते हैं। जो अक्सर तब होता है जब आपका शरीर डायबिटीज से जूझ रहा होता है।

फाइबर से भरपूर है जामुन की गुठली

जामुन के बीजों में डाइट्री फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो पाचनतंत्र को नियमित करने के लिए फायदेमंद है। साथ ही आपके शरीर से सभी विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने और आपके शरीर को डिटॉक्सिफाई करने का काम करता है।

यह प्रतिरक्षा प्रणाली के कामकाज में सुधार लाने के साथ-साथ मधुमेह के निदान के साथ आने वाले अन्य दुष्प्रभावों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने में काम आता है। अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि जामुन के बीजों में एल्कलॉइड, रसायन होते हैं जो स्टार्च को शर्करा में बदलने से रोकते हैं और डायबिटीज से बचाव करते हैं।

कैसे करना है जामुन के बीजों का इस्‍तेमाल

सर्वोत्तम लाभों के लिए, अपने रोजमर्रा के आहार में जामुन के बीजों को शामिल करें। आप इसे अपने दैनिक व्यंजनों में शामिल कर सकती हैं या इसका पाउडर बनाकर गर्म दूध या पानी में मिलाकर भी इसका सेवन कर सकती हैं। इसके अलावा ब्‍लड शुगर लेवल को प्रबंधित करने और हाइपरग्लेसेमिया से लड़ने के लिए भोजन से पहले नियमित रूप से इसका उपभोग कर सकती हैं।

Create by Rahul fitness

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