हाथों की पकड़ मजबूत बनाने के लिए घर पर ही करें ये forearm exercise

कई लोगों को यह एहसास नहीं है कि मजबूत पकड़ बनाने में फोरआर्म्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए, अगली बार जब आप ऊपरी शरीर की कसरत करती हैं, तो मांसपेशियों के इस समूह की उपेक्षा न करें और अपने वर्कआउट रूटीन में इन फोरआर्म (forearm) एक्सरासइज को जरूर शामिल करें।


आपने अपने ऊपरी शरीर को मजबूत करने में बहुत समय बिताया होगा, लेकिन क्या आप जानती हैं कि अगर आप अपनी फोर आर्म्‍स पर पर्याप्त ध्यान नहीं देती हैं, तो यह सब व्यर्थ है? हां यह सच है। बहुत से लोग यह महसूस नहीं करते कि फोरआर्म फ्लेक्सर्स (forearm flexors) या रिस्ट फ्लेक्सर्स (wrist flexors) वही मांसपेशियां हैं जो हमें एक मजबूत पकड़ विकसित करने में मदद करती हैं।

इसके बारे में सोचें, कि हमें छोटे बैग से लेकर भारी फर्नीचर तक सब कुछ ले जाने के लिए अपनी फोरआर्म्स का उपयोग करना होगा। यदि आपके पास मजबूत पकड़ (grip strength) नहीं है, तो यह आपकी चीजों को उठाने और उन्हें आसानी से स्थानांतरित करने की आपकी क्षमता में बाधा उत्पन्न करेगा।

अप्रत्याशित रूप से, यह वेटलिफ्टर्स (weightlifters) के लिए सबसे महत्वपूर्ण है, लेकिन यह दूसरों के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आप देखते हैं, जब आप अपनी ग्रिप स्‍ट्रेंथ (grip strength) पर काम करते हैं, तो आपके फोरआर्म्स का आकार बढ़ जाता है।

आइए पहले यह समझें कि वास्तव में फोरआर्म्‍स की मांसपेशियों (forearm muscles) का कार्य क्या है

फोरआर्म की मांसपेशियों (forearm muscles) की भूमिका

फोरआर्म की मांसपेशियां वास्तव में छोटी मांसपेशियों का एक समूह होता है, जो चार तरीकों से चलता हैं:

  1. रिस्ट फ्लेक्सन (wrist flexion)- अपनी हथेली को अंदर की ओर झुकाना

  2. रिस्ट एक्टेंशन (wrist extension)- हाथों की सहायता से पीठ को ऊपर उठाना

  3. फोरआर्म प्रोनेशन (forearm pronation)- नीचे हथेली को घुमाते हुए

  4. फोरआर्म सुपिनेशन (forearm supination)- हथेली को घुमाना

जब इन सभी मांसपेशियों पर काम किया जाता है, तो आपकी पकड़ मजबूत हो जाती है।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि फोरआर्म की मांसपेशियां बहुत सख्‍त होती हैं। इसलिए, यदि आपको लगता है कि सप्ताह में सिर्फ एक बार इन पर काम करना काफी है, तो आप गलत हैं। आपको अधिकतम परिणाम देखने के लिए हर ऑल्‍टरनेट डे पर फोरआर्म एक्सरसाइज करनी होगी।

जब आप फोरआर्म की एक्सरसाइज करती हैं, तो पुनरावृत्ति की संख्या और साथ ही आपके मूवमेंट की गति महत्वपूर्ण होती है। किसी भी प्रभाव को देखने के लिए आपको एक्सरसाइज के कम से कम 15 से 20 रेप्स करने की आवश्यकता है।

अब जब आप इस मांसपेशी समूह के बारे में सब जान गई हैं, तो आइए कुछ लीन फोरआर्म एक्सरसाइज के बारे में बात करते हैं:

1. आइसोमेट्रिक वॉल पुश (Isometric wall push)

अपने हाथों को दीवार पर टिकाएं।

अपनी बाहों को सीधा रखें, लेकिन कोहनी को लॉक किए बिना, दीवार को 30 सेकंड तक मजबूती से दबाएं रखें। और इसे छोड़ दें।

फिर इसे 2 से 3 बार दोहराएं।

2. स्फिंक्स पुश-अप (Sphinx push-ups)

एक फोरआर्म प्लैंक पोजिशन में इसकी शुरूआत करें। इसमें या तो आप अपने घुटनों का इस्तेमाल करें या पैर की अंगुलियों का।

अपने हाथों को मजबूती से दबाएं, जब तक आपकी बाहें सीधी न हों, तब तक हाथों को ऊपर उठाने की कोशिश करें।

कमर को नियंत्रण के साथ नीचे ले जाएं। फिर इसे छोड़ दें।

इसे 2 से 3 बार दोहराएं।

3. पुल-अप बार हैंग (Pull-up bar hang)

अपने कंधों से थोड़ी दूरी के साथ एक पुल-अप बार को पकड़ें और अपनी हथेलियों को आगे की तरफ रखें।

अपने हाथों को सीधा रखें और घुटनों को पीछे ले जाएं। ऐसे 30 सेकंड तक लटकें।

इसे छोड़ दें, फिर इसे 2 से 3 बार दोहराएं।

4. पुश-अप्स

अपने हाथों को जमीन पर रखें।

पीछे अपने पैरों को फैलाएं और अपनी बाहों को अपने कंधों के नीचे रखें। देखें कि आपका शरीर आपके सिर से आपकी एड़ी तक एक सीधी रेखा बनाता है।

अपने पैर की उंगलियों को स्थिर रखते हुए, अपनी कोहनी को झुकाकर अपने शरीर को नीचे करें।

एक बार जब आप जमीन के करीब होते हैं, तो अपने शरीर को प्रारंभिक स्थिति में वापस लाने के लिए ऊपर धकेलें।

5. चेयर-अप

अपने सामने एक कुर्सी रखें, और उसके सामने लेट जाएं। लेकिन आपका धड़ को फर्श पर होन